महावीर जयंती पर राज्यपाल कटारिया बोले: अहंकार, क्रोध और लालच से होता है मानवता का पतन
- By Gaurav --
- Monday, 30 Mar, 2026
On Mahavir Jayanti, Governor Kataria said: Ego, anger and greed lead to the downfall of humanity.
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने लगभग 2425 वर्ष पहले थे। उन्होंने कहा कि जैन धर्म जन्म से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से अपनाया जाता है।
राज्यपाल ने यह विचार महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित 2425वें जन्म कल्याणक महा महोत्सव के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अहंकार, क्रोध और लालच मानवता के पतन का कारण हैं, जबकि भगवान महावीर का संदेश पूरी दुनिया को शांति, भाईचारे और आत्मसंयम का मार्ग दिखाता है।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को भी धार्मिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ना बेहद आवश्यक है, ताकि समाज में संस्कारों की परंपरा मजबूत हो सके। उन्होंने कहा, “दुनिया को जीतना वीरता है, लेकिन महावीर वह है जो अपने आप को जीत ले।”
भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जैन समाज
महावीर जयंती के अवसर पर चंडीगढ़ में भव्य शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत श्री श्वेताम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-28, चंडीगढ़ में भगवान महावीर के दर्शन के साथ हुई।
इसके बाद भगवान महावीर को रथ में विराजमान कर सुबह 9:30 बजे शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में बैंड-बाजों की धुनों के साथ शोभायात्रा आगे बढ़ी और लगभग 10:15 बजे श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-27, चंडीगढ़ पहुंची, जहां धर्मसभा का आयोजन किया गया।

धर्मसभा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर राज्यपाल को जैन शास्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संत कुमार जैन ने किया।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों में पवन बंसल, सतपाल जैन, दविंदर बबला, ललित जैन, गौरव जैन और संजीव जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं की ओर से प्रदीप जैन, मुकेश जैन और मनोज जैन ने भगवान महावीर के उपदेशों पर अपने विचार साझा किए।
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हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भाग
शोभायात्रा आगे बढ़ते हुए जैन स्थानक, सेक्टर-18 पहुंची, जहां समाज द्वारा राज्यपाल का सम्मान किया गया। इस दौरान राज्यपाल ने साध्वियों के दर्शन किए और बाद में अणुव्रत भवन, सेक्टर-24 में मुनि विनय आलोक के दर्शन किए।
इसके बाद शोभायात्रा पुनः श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-27 पहुंची, जहां भगवान महावीर को अहिंसा पार्क स्थित पांडुकशिला पर विराजमान कर श्रद्धालुओं ने अभिषेक किया।

इस भव्य आयोजन में जैन समाज के चारों संप्रदायों की प्रबंधन समितियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया और पूरे वातावरण में भक्ति, उत्साह और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।